एमयूटीपी फेज-I
एमयूटीपी फेज-I के पुनर्स्थापित प्रस्ताव को विश्व बैंक के निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। रेल घटक का खर्चा रू.4174.40 करोड है तथा विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषण लगभग यूएस डॉलर 365 मिलीयन है ।
अ.क्र. | परियोजना | आखरी प्रत्याशित किमत |
1 | ई एम यु की अधिप्राप्ति एवं निर्माण | 1751.00 |
2 | बोरीवली - विरार खंड का चौहरीकरन | 505.00 |
3 | कुर्ला एवं ठाणे के बीच पाँचवीं एवं छठी लाइन | 222.80 |
4 | संस्थान का सुदॄढीकरन एवं अध्ययन | 50.00 |
5 | विरार कार शेड | 191.35 |
6 | डी सी कर्षण से एसी परिवर्तन | 593.70 |
7 | बाकी ऑप्टीमाइजेशन और सेवा कुशलता सुधार कार्य 7.1 माहिम एवं सांताक्रुज के बीच पाँचवीं लाइन 7.2 ट्रैक मशीनें 7.3 ई एम यु के लिये अनुरार्षण सुविधाएँ 7.4 ई एम यु के लिये स्टेबलिंग लाईन 7.5 पश्चिम रेलवे काआप्टिमाइजेशन 7.6 मध्य़ रेलवे का आप्टिमाइजेशन 7.7 हार्बर लाइन का आप्टिमाइजेशन | 450.55 |
8 | पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास | 410.00 |
| कुल | 4174.40 |
एमयूटीपी फेज-I का लक्ष्य डिसेंबर 2011 का है ।
विश्व बैंक द्वारा वित्त पारीत रेल घटकों के सभी ठेके प्रदान कर दिये गये है तथा उनका कार्य संतोषजनक प्रगतीपर है ।
एम यू टी पी - प्रथम चरण में बुनियादी ढाँचे सम्बंधी योगदान
• आधार संख्या 790 कि.मी. में 93 ट्रक कि.मी. की बढोतरी (लूप लाइनों और यार्डों को छोडकर) ठाणे-तुर्भे-वाशी खंड में 34 कि.मी. तथा विरार-बोरीवली खंड मे 53 कि.मी. की वृद्धि एम यू टी पी के अंतर्गत अभी तक की जा चुकी है ।
• दोहरे वोल्टेज वाले 101 नये 9 डिब्बा रेकों का समावेश (51 अतिरिक्त तथा 50 वोल्टेज परिवर्तन के जरिये)।
• लगभग 15 हजार परियोजना प्रभावित परिवारोंका पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास ।
• प्लेट्फ़ार्मों की लम्बाई में वृद्धि के फलस्वरुप सभी लाइनों पर (हार्बर लाइन को छोडकर) 12 डिब्बा रेकों का परिचालन।
• सभी लाइनों पर तीन मिनट का हैडवे प्राप्त करना (सिगनलों की री-सेटिंग का कार्य किया जाना है)।
• सभी उपनगरीय खंडो ठाणे- सी एस टी एम खंड के अलावा (जो द्वितीय चरण में होगा,) डी सी कर्षण से एसी कर्षण मे परिवर्तन।
एम यू टी पी के प्रथम चरण के लाभ
• 550 नई रेलगाडियों के फलस्वरुप गाडियों की कुल दैनिक संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि ।
• तेज लाइन पर सभी रेलगाडियाँ 12 डिब्बों वाली होंगी, जबकि धीमी लाइन पर 20 प्रतिशत रेलगाडियाँ 12 डिब्बों वाली होंगी ।
• दैनिक वाहन कि. मी. में 33 प्रतिशत की वृद्धि होगी ।
• व्यस्ततम घंटो के दौरान व्यस्ततम दिशा की ओर रहने वाली अत्याधिक भीड-भाड कम होगी जो प्रति नौ डिब्बा रेक 5000 की यात्री संख्या से घटकर 3600 तक पहुँच जायेगी।